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0 घात-परिघात से जुड़ी है काशी की कथक नृत्यांगना की जिंदगी
हौसले को सलाम---
0 फौलादी हौसलों में दफन कर दी अथाह दर्द और सिसकियां
0 घिनौने खेल में उलझकर बाहर निकली है बनारस की बिटिया
0 शिखर पर पहुंचने का जज्बा लाया रंग, बनाती चली गई रिकार्ड
विजय विनीत
वाराणसी। विश्व रिकार्ड बनाने वाली कथक नृत्यांगना सोनी चौरसिया के फौलादी हौसले को समूचा देश सलाम कर रहा है। एक वक्त वह भी था जब सोनी टूट गई थी, हताश थी और अवसाद से भरी थी। शादी के चंद रोज बाद ही कथित साफ्टवेयर इंजीनियर पति से तलाक हो गया। ससुराल वालों के छल, धोखे और जुल्म के बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी। घात-परिघात से बाहर निकली तो पुरुष बनकर। इतिहास रचने के बुलंद हौसले के साथ। अथाह दर्द सीने में दफन कर लिया। शिखर पर पहुंचने का जज्बा रंग लाया और वह रिकार्ड पर रिकार्ड बनाती चली गई।
गिनीज बुक आफ वल्ड रिकार्ड बनाने वाली सोनी चौरसिया का नाम अब हर किसी के जुबान पर है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं उसकी निजी जिंदगी में कितना दर्द और कितनी सिसकियां हैं। सोनी बचपन से ही प्रतिभा की धनी थी। एक टीवी शो में दिल्ली के कथित इंजीनियर संजीव चौरसिया के घर वालों ने उसे देखा तो उसके पिता अपने बेटे के लिए सोनी का हाथ मांगने बनारस चले आए। सोनी के परिजनों को लगा कि लड़का इंजीनियर है। मोटी तनख्वाह है तो शादी करने में हर्ज क्या है। सोनी के पिता श्याम चंद्र चौरसिया को रिश्ता पसंद आया। उन्होंने अपनी बेटी को संजीव के साथ वैवाहिक बंधन की डोर से बांध दिया। उन्हें इस बात का कतई एहसास नहीं था कि संजीव और उसके परिवार वाले छलिया हैं, धोखेबाज हैं और जुल्मी हैं।
पति के घर पहुंचते ही सोनी के साथ उत्पीड़न का खेल शुरू हो गया। सोनी के अनुसार उसके सुहागरात के अगले दिन पति ने कहा कि उसकी नौकरी छूट गई है। वह इस बात की किसी से चर्चा न करे। यह सुनते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बाद में यह भी पता चला कि उसका पति बेरोजगार ही नहीं, आवारा और बदचलन भी है। ससुराल वाले दहेजलोभी हैं। फकत पंद्रह दिनों में सोनी टूट गई। उसकी दुनिया उजड़ गई। ससुराल वालों के छल, धोखे और जुल्म के चलते सोनी के अरमा धुल गए। सिसकियों और आहों के बीच उसे तलाक लेना पड़ा। जीवन भर का साथ निभाने के अथाह दर्द ने सोनी को इस कदर तोड़ दिया कि उसके लिए उठ पाना मुश्किल था। सोनी के पिता और शुभचिंतकों ने उसका हौसला बढ़ाया। दर्द को दिल में दफन करके बुलंद हौसले के साथ कथक की दुनिया में रिकार्ड बनाने निकल पड़ी और इतिहास रचती चली गई। उसने जब ससुराल छोड़ा तभी निर्णय लिया कि वह कथक की दुनिया में विश्व रिकार्ड जरूर बनाएगी। सोने ने सबसे पहले 24 घंटे तक रोलर पर स्केटिंग कर लिम्का बुक रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया। इसी बीच उसे हरियाणा के हिसार स्थित विद्या देवी जिंदल स्कूल में संगीत शिक्षिका की नौकरी मिल गई। विश्व रिकार्ड बनाने के लिए उसे पर्याप्त धन की जरूरत थी। अपने सपनों में पंख लगाने के लिए उसने नौकरी छोड़ दी। इतिहास रचने के लिए उसने रात-दिन मेहनत शुरू कर दी। उसे सिर्फ एक ही नशा था। वह था कथक। पूरे मनोयोग से घंटों रियाज करती रही। अंततः उसका ख्वाब हकीकत में बदल गया।
0 घात-परिघात से जुड़ी है काशी की कथक नृत्यांगना की जिंदगी
हौसले को सलाम---
0 फौलादी हौसलों में दफन कर दी अथाह दर्द और सिसकियां
0 घिनौने खेल में उलझकर बाहर निकली है बनारस की बिटिया
0 शिखर पर पहुंचने का जज्बा लाया रंग, बनाती चली गई रिकार्ड
विजय विनीत
वाराणसी। विश्व रिकार्ड बनाने वाली कथक नृत्यांगना सोनी चौरसिया के फौलादी हौसले को समूचा देश सलाम कर रहा है। एक वक्त वह भी था जब सोनी टूट गई थी, हताश थी और अवसाद से भरी थी। शादी के चंद रोज बाद ही कथित साफ्टवेयर इंजीनियर पति से तलाक हो गया। ससुराल वालों के छल, धोखे और जुल्म के बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी। घात-परिघात से बाहर निकली तो पुरुष बनकर। इतिहास रचने के बुलंद हौसले के साथ। अथाह दर्द सीने में दफन कर लिया। शिखर पर पहुंचने का जज्बा रंग लाया और वह रिकार्ड पर रिकार्ड बनाती चली गई।
गिनीज बुक आफ वल्ड रिकार्ड बनाने वाली सोनी चौरसिया का नाम अब हर किसी के जुबान पर है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं उसकी निजी जिंदगी में कितना दर्द और कितनी सिसकियां हैं। सोनी बचपन से ही प्रतिभा की धनी थी। एक टीवी शो में दिल्ली के कथित इंजीनियर संजीव चौरसिया के घर वालों ने उसे देखा तो उसके पिता अपने बेटे के लिए सोनी का हाथ मांगने बनारस चले आए। सोनी के परिजनों को लगा कि लड़का इंजीनियर है। मोटी तनख्वाह है तो शादी करने में हर्ज क्या है। सोनी के पिता श्याम चंद्र चौरसिया को रिश्ता पसंद आया। उन्होंने अपनी बेटी को संजीव के साथ वैवाहिक बंधन की डोर से बांध दिया। उन्हें इस बात का कतई एहसास नहीं था कि संजीव और उसके परिवार वाले छलिया हैं, धोखेबाज हैं और जुल्मी हैं।
पति के घर पहुंचते ही सोनी के साथ उत्पीड़न का खेल शुरू हो गया। सोनी के अनुसार उसके सुहागरात के अगले दिन पति ने कहा कि उसकी नौकरी छूट गई है। वह इस बात की किसी से चर्चा न करे। यह सुनते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बाद में यह भी पता चला कि उसका पति बेरोजगार ही नहीं, आवारा और बदचलन भी है। ससुराल वाले दहेजलोभी हैं। फकत पंद्रह दिनों में सोनी टूट गई। उसकी दुनिया उजड़ गई। ससुराल वालों के छल, धोखे और जुल्म के चलते सोनी के अरमा धुल गए। सिसकियों और आहों के बीच उसे तलाक लेना पड़ा। जीवन भर का साथ निभाने के अथाह दर्द ने सोनी को इस कदर तोड़ दिया कि उसके लिए उठ पाना मुश्किल था। सोनी के पिता और शुभचिंतकों ने उसका हौसला बढ़ाया। दर्द को दिल में दफन करके बुलंद हौसले के साथ कथक की दुनिया में रिकार्ड बनाने निकल पड़ी और इतिहास रचती चली गई। उसने जब ससुराल छोड़ा तभी निर्णय लिया कि वह कथक की दुनिया में विश्व रिकार्ड जरूर बनाएगी। सोने ने सबसे पहले 24 घंटे तक रोलर पर स्केटिंग कर लिम्का बुक रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया। इसी बीच उसे हरियाणा के हिसार स्थित विद्या देवी जिंदल स्कूल में संगीत शिक्षिका की नौकरी मिल गई। विश्व रिकार्ड बनाने के लिए उसे पर्याप्त धन की जरूरत थी। अपने सपनों में पंख लगाने के लिए उसने नौकरी छोड़ दी। इतिहास रचने के लिए उसने रात-दिन मेहनत शुरू कर दी। उसे सिर्फ एक ही नशा था। वह था कथक। पूरे मनोयोग से घंटों रियाज करती रही। अंततः उसका ख्वाब हकीकत में बदल गया।

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